दादी एक ऐसा नाम जिसमें ममता, सुकून और बिना शर्त प्यार छुपा होता है। जब दादी इस दुनिया से चली जाती हैं, तो उनके साथ हमारी ज़िंदगी का एक बहुत खास हिस्सा भी चला जाता है। उनकी कहानियाँ, उनकी डांट में छुपा प्यार और उनकी गोद की गर्माहट हमेशा यादों में ज़िंदा रहती है।
स्वर्गीय दादी पर शायरी उन्हीं अनमोल यादों को शब्दों में ढालने की एक कोशिश है, ताकि हम अपने दिल के दर्द, प्यार और श्रद्धा को शायरी के ज़रिए व्यक्त कर सकें। ये शायरियाँ सिर्फ़ शब्द नहीं होतीं, बल्कि उस रिश्ते का एहसास होती हैं, जो कभी खत्म नहीं होता।
स्वर्गीय दादी पर शायरी

आपकी लोरियाँ आज भी सुला देती हैं,
दादी, आपकी यादें जीना सिखा देती हैं।
आपकी कहानियाँ आज भी गूंजती हैं,
दादी, आपकी यादें दिल को छू जाती हैं।

वो डांट भी कितनी प्यारी लगती थी,
दादी की हर बात न्यारी लगती थी।
दादी, आपकी गोद आज भी याद आती है,
हर खुशी में आपकी कमी खल जाती है।

आपने सिखाया रिश्तों का मतलब क्या होता है,
दादी, आपके बिना सब अधूरा सा होता है।
आपकी हँसी की गूंज अब भी कानों में है,
दादी, आपकी तस्वीर दिल की जानों में है।

वक्त बीत जाता है, पर यादें नहीं जातीं,
दादी, आपकी बातें कभी भुलाई नहीं जातीं।
आपने दिया जो संस्कारों का खज़ाना,
दादी, वही है हमारी सबसे बड़ी निशानी।
आपकी यादों में ही सुकून मिल जाता है,
दादी, आपका नाम लेते ही दिल भर आता है।
आपकी कमी हर त्योहार में खलती है,
दादी, आपकी याद हर खुशी में छलकती है।
दादी की याद शायरी
दादी की गोद आज भी सुकून दे जाती है,
बस आँखें बंद करते ही याद आ जाती है।
वो कहानियाँ, वो लोरियाँ, वो प्यार भरी बातें,
दादी की यादों में छुपी हैं ज़िंदगी की सौगातें।
खाली सा लगता है घर का हर एक कोना,
जब याद आता है दादी का हँसता होना।
आपकी डांट में भी कितना प्यार था,
दादी, वो हर पल कितना खास था।
जब भी थक जाता है दिल दुनिया से लड़कर,
दादी की याद आ जाती है साया बनकर।
वक्त ने बहुत कुछ बदल दिया,
बस दादी की यादों को नहीं छुआ।
त्योहार भी अधूरे से लगते हैं,
जब दादी की याद दिल में जगते हैं।
आपकी बातें आज भी राह दिखाती हैं,
दादी, आपकी यादें जीना सिखाती हैं।
दादी का प्यार कभी खत्म नहीं होता,
वो याद बनकर भी कम नहीं होता।
दादी, आपकी बातें आज भी रास्ता दिखाती हैं,
जब भी टूटता हूँ, आपकी यादें संभाल जाती हैं।
दादी मां का प्यार शायरी
माँ के बाद जो माँ बनकर रहती हैं,
वो दादी माँ ही होती हैं।
उनकी डांट में भी ममता बसती है,
दादी माँ की हर बात में राहत बसती है।
दादी माँ की गोद में जन्नत मिल जाती है,
सारी थकान पल में मिट जाती है।
जब भी दुनिया से डर लगता है,
दादी माँ का आँचल याद आता है।
दादी माँ की उँगली पकड़कर चलना सीखा,
ज़िंदगी का हर सही-गलत सीखा।
दादी माँ की दुआओं में ताक़त होती है,
तभी तो हर राह में हिम्मत होती है।
वो बिना कहे सब समझ जाती थीं,
दादी माँ दिल की हर बात जान जाती थीं।
दादी माँ का रिश्ता खुदा का तोहफ़ा है,
जो हर जन्म में मिलना चाहिए।
दादी माँ की बाहों में जो सुकून है,
वो दुनिया की किसी दौलत में नहीं।
वो थीं तो हर दिन त्यौहार था,
दादी माँ का प्यार ही परिवार था।
दादी के लिए शायरी
दादी का नाम लेते ही सुकून मिल जाता है,
जैसे हर दर्द को मरहम मिल जाता है।
आपकी गोद में जो जन्नत मिली,
वो दुनिया की किसी जगह नहीं मिली।
दादी की ममता कभी कम नहीं होती,
वो साथ न हों फिर भी ख़त्म नहीं होती।
दादी, आपकी बातें आज भी राह दिखाती हैं,
आपकी यादें जीना सिखाती हैं।
आप साथ हों तो हर दिन त्यौहार लगता है,
दादी, आपका प्यार सबसे खास लगता है।
आपकी दुआओं का साया सर पर रहता है,
दादी, तभी तो दिल बेफ़िक्र रहता है।
दादी की गोद में डर भी हार जाता है,
उनका प्यार हर ग़म उतार जाता है।
आपकी दुआ हर मोड़ पर साथ रही,
दादी, तभी तो हर मुश्किल आसान रही।
दादी का रिश्ता खुदा की नेमत है,
जो हर नसीब वाले को मिलती है।