ज़िंदगी हर किसी के लिए एक-सी नहीं होती। कुछ लोग मेहनत के दम पर मंज़िल पा लेते हैं, तो कुछ की राह में हर कदम पर मुश्किलें खड़ी हो जाती हैं। जब बार-बार कोशिश करने के बाद भी नसीब साथ न दे, तब दिल का दर्द अल्फ़ाज़ों में ढल जाता है। खराब किस्मत शायरी उसी दर्द, मायूसी और टूटे हुए ख़्वाबों का आईना होती है, जो इंसान अपने दिल में छुपाए रखता है।
ऐसी शायरी उन लोगों के लिए होती है जो अपनी बदकिस्मती को महसूस करते हैं और उसे शब्दों के ज़रिए बयान करना चाहते हैं। खराब किस्मत शायरी न सिर्फ़ जज़्बातों को हल्का करती है, बल्कि यह एहसास भी दिलाती है कि तक़दीर से जूझने वाले हम अकेले नहीं हैं। अगर आप भी नसीब, हालात और ज़िंदगी की कड़वी सच्चाइयों को शायरी के रूप में पढ़ना या शेयर करना चाहते हैं, तो यह संग्रह आपके दिल को ज़रूर छू जाएगा।
खराब किस्मत शायरी

दोष किसी का नहीं है शायद,
बस नसीब को हमसे शिकायत है।

हमने तो हर दुआ में तेरा नाम लिया,
पर हमारी किस्मत ने हमेशा मज़ाक किया।

हम सही थे, फिर भी हारे गए,
लगता है किस्मत को यही मंज़ूर था।

दर्द भी हमें ही मिला,
और लोग कहते हैं नसीबवाले हो।

ख्वाब ऊँचे थे, पर किस्मत नीची निकली,
यही वजह है मेरी हार की।

सब कुछ होते हुए भी कुछ नहीं है,
ये एहसास सिर्फ़ बदनसीब ही समझ सकता है।

कभी वक्त ने मारा, कभी हालात ने,
और लोग कहते हैं किस्मत खराब है।

न शिकायत किसी से, न गिला खुदा से,
बस अपनी किस्मत से थोड़ी नाराज़गी है।

हमने जिन पर भरोसा किया,
वही हमारी बदकिस्मती बन गए।

हर मोड़ पर उम्मीद थी,
और हर मोड़ पर किस्मत बेवफ़ा निकली।
खराब किस्मत शायरी 2 लाइन

सब कुछ ठीक था,
बस नसीब ने साथ नहीं दिया।
हमसे ज्यादा बदकिस्मत कौन होगा,
जिसे अपना भी पराया लगे।
किस्मत इतनी खराब है मेरी,
जो चाहा वो कभी मिला ही नहीं।
मेहनत पूरी थी, इरादे भी साफ़ थे,
बस नसीब ने आख़िरी वक्त साथ नहीं दिया।
कभी लोग छूट गए, कभी मौके,
खराब किस्मत ने सब कुछ बराबर लिया।
जो मिला वो अधूरा, जो चाहिए था वो दूर,
यही कहानी है मेरी बदकिस्मती की।
हर बार उम्मीद रखी, हर बार टूटी,
किस्मत से शिकायत अब आदत बन गई।
हमने तो अपना हिस्सा माँगा था,
पर किस्मत ने हमें सबक़ थमा दिया।
दोष न किसी का है, न हालात का,
बस नसीब ने आज़माने की ठान ली है।
कभी प्यार में हारे, कभी ज़िंदगी में,
लगता है किस्मत ही खिलाफ़ है हमारे।
किस्मत का खेल शायरी

कभी हालात ने रोका, कभी लोग,
और आखिर में किस्मत ने।
हम देर से नहीं पहुँचे थे,
बस किस्मत पहले ही जा चुकी थी।
हर मोड़ पर लगा अब सब बदल जाएगा,
और हर मोड़ पर किस्मत वही रही।
जो हमारा होना चाहिए था,
वही सबसे पहले हमसे छिन गया।
हम शिकायत भी किससे करें,
जब हर हार में किस्मत ही आगे खड़ी है।
हमने तो सही वक्त का इंतज़ार किया,
पर किस्मत ने गलत पल दे दिया।
मेहनत कम नहीं थी हमारी,
बस नसीब ज़्यादा सख़्त निकला।
जो होना चाहिए था, वो हुआ नहीं,
और जो हुआ, वही सबसे भारी पड़ा।
कभी लोग साथ छोड़ गए,
कभी किस्मत ने हाथ खींच लिया।
Kismat Kharab Shayari On Life

सब कुछ दांव पर लगा दिया,
फिर भी हार हमारी ही लिखी थी।
हर बार लगा अब बदल जाएगा,
और हर बार वही कहानी दोहराई गई।
हमने हारना नहीं सीखा था,
पर किस्मत ने सिखा दिया।
हमने उम्मीद पूरी रखी,
किस्मत ने कसर पूरी निकाल ली।
हमने अपना पूरा दिया,
पर बदले में खाली हाथ आए।
हर मोड़ पर एक उम्मीद थी,
और हर मोड़ पर किस्मत।
हम थक नहीं गए थे,
बस किस्मत जीत गई थी।
सही वक्त का इंतज़ार किया,
गलत पल हमारे हिस्से आए।
कभी प्यार में हार मिली,
कभी ज़िंदगी में सबक़।
जो हमारा था ही नहीं,
उसी को खोने का ग़म मिला।
हम हर बार संभल गए,
किस्मत हर बार गिराती रही।
तकदीर किस्मत शायरी

कभी तक़दीर आगे निकल गई,
कभी हम पीछे रह गए।
जो लिखा था वही मिला हमें,
मगर लिखने वाला हम नहीं थे।
हमने सोचा था सब बदल जाएगा,
पर तक़दीर वही की वही रही।
मेहनत हाथ में थी,
नतीजा तक़दीर में।
जो हमारा होना चाहिए था,
तक़दीर ने किसी और को दे दिया।
कभी वक़्त ने परखा,
कभी तक़दीर ने।
हमने रास्ता चुना था,
मंज़िल तक़दीर ने तय की।
कभी लोग बदले,
कभी तक़दीर।
हम आज भी वहीं खड़े हैं,
जहाँ तक़दीर ने छोड़ा था।
मेहनत अपनी जगह थी,
और तक़दीर अपनी।
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